आंध्र प्रदेश के ट्रेन दुर्घटना का राज ‘ब्लैक बॉक्स’ से मिल सकता है। फिलहाल रेलवे ने यह दावा है कि विशाखापत्तनम से रायगढ़ ट्रेन के लोको पायलट ने रेड सिग्नल को पार किया था। इसी कारण से यह दुर्घतान से में अभी 13 लोगों की जनहानी होने की बात सामने आई है । मृतकों में रायगढ़ ट्रेन के लोको पायलट एस. एम. एस. राव व असिस्टेंट लोको पायलट चिरंजीवी के अतिरिक्त पलासा ट्रेन के गार्ड एम. एस. राव भी इसमे शामिल हैं। इस दुर्घटना में लगभग 50 लोग घायल हो चुके है हैं। इनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
लोको पायलट का किया जा रहा है मकेनिकल इंस्पेक्शन
इस दुर्घटना के मामले की जांच के दौरान यह पता चली है कि जहां सिग्नल है वहां थोड़ा मोड़ भी है।जिसके कारण ट्रेन के लोको पायलट को उस समय पर रेड सिग्नल दिखाई नही दिया और जब तक लोको पायलट को सिग्नल दिखाई दिया हो, तब तक दुर्घटना चुकी हो। इस मामले में ट्रेन के लोको पायलट का मकेनिकल इंस्पेशन भी किया जायाएगा
इस बात की प्रमुखता से जांच भी की जाएगी कि कहीं ब्रेक या की अन्य किसी सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं आ ज्ञी थी जिस कारण से पायलट ने ब्रेक भी लगाए हों और समय पर ब्रेक लग ही ना सके हों।
ट्रेन के केबिन में लगाया गया था हवाई जहाज जैसा ब्लैक बॉक्स
रेलवे के प्रमुख अधिकारियों का यह कहना है कि विशाखापत्तनम से रायगढ़ ट्रेन के इंजन के केबिन में हवाई जहाज की तरह से ही ब्लैक बॉक्स जैसा सिस्टम लगा हुआ रहता है । इससे रायगढ़ इंजन में दोनों लोको पायलटों के बीच जो भी बातचीत मे जो भी संवाद हुयक है वह रिकॉर्ड हुई है तथा इसके अतिरिक्त भी इस सिस्टम में कई सारी तकनीकी जानकारी भी रिकॉर्ड हुई हो , इस बॉक्स की जांच करने के बाद ही , मामले में कुछ स्पष्ट हो सकेगा ।

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