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motivational Story अगर आप आलसी है तो …….

 

अगर आप आलसी  है तो ……. motivational Story



एक समय मे व्यापारी व्यापार करने के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाता है बीच रास्ते  में रेगिस्तान का कुछ हिस्सा  पड़ता था। व्यापारी  एक नकरतमक सोच वाला व्यक्ति  था हमेशा ही  शिकायत करता रहता था  कि मेरे पास ये नहीं है,  वो नहीं है, मुझे ये  कमी है,  उसकी कमी है,

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एक दिन जब  वह रेगिस्तान के रास्ते  से जा  रहा था तभी उसकी पीने के पानी की बोतल खाली हो जाती है,उसी समय  उसे बड़ी जोर से  प्यास लगती है  लेकिन रेगिस्तान में पानी नही  मिलने की कारण  से उसे बहुत गुस्सा आता है और तभ वह  बोलता है कि कितनी  ख़राब जगह है ना कोई पेड़ पौधा है ना पानी , रास्ता भी बहुत लम्बा है रेगिस्तान तो  पार करना ही पड़ेगा  है।

तभी वह  आसमान की तरफ देख कर  कहता है कि  भगवान ये कैसी  जगह बना दी है आपने आज अगर मेरे पास में बहुत सारा पानी होता तो , बहुत ससारे संसाधन होते तो, मै  इसस जगह पर हरियाली कर देता औरर  बहुत सारे  पेड़ लगा देता। वह वह व्यापारी आदमी आसमान कि और  देखकर ये सब बाते कह रहा होता है , उस समय ऐसा लग रहा था कि  जैसे कि  ऊपर वाले से जवाब की  प्रतीक्षा कर रहा हो की भगवान कुछ कह देवे । 

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तभी उस समय चमत्कार  हुआ की वह जैसे ही उसने नीचे देखा उसे अपनी  आँखों के सामने एक कुआ दिखायी  दिया , वह पूरी तरह से घबरा ,  गया क्योकि उसने कभी  उस रेगिस्तान के अंदर में कुआ नहीं देखा था।

वह कुए के पास गया  और तभी  देखा की कुआ तो  पूरी तरह पानी से भरा हुआ है,  परन्तु वह व्यापारी  आदमी नकारात्मक  सोच वाला था व  हमेशा से ही  शिकायत करता रहता था तभी  फिर उसने  आसमान की तरफ देख कर  बोला भगवान आपने  पानी से भरा हुआ कुआ तो दे दिया है  लेकिन इस कुए से पानी निकलूंगा कैसे,इसके पश्चात उसने जैसे  निचे देखा तो फिर से चमत्कार हो गया , उसे कुए के पास मे  रस्सी व  बाल्टी दिखाई दी , लेकिन उस व्यापारी ने फिर से ऊपर देखकर बोला भगवान अब इस पानी को ले कैसे जाऊंगा।

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तभी उसी समय उसको यह अहसास हुआ की  जैसे उसके पीछे कोई है,तब उसने जैसे ही  पीछे मुड़कर देखा तो एक ऊंट वही पर  खड़ा हुआ दिखा  है , वह व्यापारी पूरी तरह से घबरा  गया और यह  सोचने लगा कि  ये तो सब  सच  होने लग रहा है मै तो  बातो - बातो में ही  कह तो दिया तो अब  अब मुझे यहाँ पर  हरियाली करनी ही  पड़ेगी व  पेड़ लगाने की जिम्मेदारी लेकर पूरी करनी  पड़ेगी।

तो अब क्या था, व्यापारी  को पानी से भरा हुआ कुआ तो  मिल गया , बाल्टी एवं   रस्सी भी मिल गयी , पानी को ले जाने के लिए ऊंट भी   मिल गया सब कुछ मिल गया फिर  अब वह व्यापारी  सोच रहा था की ये मैंने  बातो ही  बातो में क्या बोल दिया ये तो गड़बड़ हो गया है , यह सब देखकर वह तेजी से दौड़ कर भागने लग गया , वह भाग रहा था और  उस जिम्मेदारी से बचाने कि कोशिश कर रहा था  तभी एक कागज उड़ते हुए वहा  आया और इसके शरीर  से चिपक गया।

उसने जब उस कागज को देखा और पढ़ा  तो उस पर यह  लिखा हुआ था , कि  मैंने तुझे  पानी दिया , कुआ दे  दिया, रस्सी व  बाल्टी दे दिया , पानी को ले लाने व जाने के लिए सभी साधन दे दिया  फिर भी क्यों बचकर भाग रहा है ,उस व्यापारी को लगा  कि मेरे साथ पता नहीं ये  क्या हो रहा है। उसने  दौड़ते दौड़ते रेगिस्तान  पार कर लिया लेकिन उसने  उस रेगिस्तान को हरा-भरा नहीं बनाया।

यह कहानी हमें यह  सिखाती हैकि  हम में से बहुत से  लोग ये कहते है कि  बड़े स्कूल में पढ़ाई कर  लिया होता या बड़े कॉलेज में  गया होता तो मे ये कर लेता , अगर मगर  मेरे पास बहुत सा पैसा होता तो ये कर लेता वहा  कर लेता , मेरा बोस  मेरा साथ नहीं देता है नहीं तो मै पता नहीं क्या क्या कर देता, हम हमेशा जीवन मे  शिकायते धूधते रहते  है और  अपनी जिम्मेदारियो  से बचकर भागते रहते  है। ये कहानी हमें यह  सिखाती है कि जीवन  में हम जो भी  कुछ भी कर रहे है उसकी 100 % जिम्मेदारी हमारी ही  है की उस काम को बिना किसी शिकायत के पूर्ण  करे, व  दुसरो पर दोष देना व  उनकी गलतिया बताना बंद कर दे  अपनी गलतियों सीख लेकर अपने आप मे सुधार करे ।


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