समलैंगिक विवाह मामले में सुप्रीम कोर्ट काआज फैसला
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सी जे आई ), श्री डीवाई चंद्रचूड़ वाली संविधान पीठ ने दस दिनो की सुनवाई के बाद इस साल 11 मई को ही फैसला सुरक्षित कर लिया था।
सुप्रीम कोर्ट आज मंगलवार को इस मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगी कि भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी रूप से मान्यता दे दी जानी चाहिए या की नहीं
भारत के मुख्य न्यायाधीश श्रीडीवाई चंद्रचूड़ व न्यायमूर्ति श्री संजय किशन कौल, एसरवींद्र. हिमा कोहली व पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली इस संविधान पीठ ने 10 दिन की सुनवाई के बाद इस वर्ष11 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के की मांग करने वाली याचिका पर निर्णय लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट अदालत को बुलवाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अन्य घटनाक्रमों के बाद, न्यायालय ने कहा था कि
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट, का यह निर्णय कि गर्भपात का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है भारतीय संदर्भ के में गलत था ,तथा किसी व्यक्ति का गोद लेने का अधिकार भारत में किसी की वैवाहिक स्थिति से बिलकुल भी प्रभावित नहीं होता था।
- समलैंगिक संबंधों के विषय मे मान्यता देना विधायिका पर निर्भर है , लेकिन सरकार को भी यह सुनिश्चित करना ही होगा कि समलैंगिक जोड़ों को विवाह बिना सामाजिक व अन्य लाभ तथा कानूनी अधिकार दिए जाए।
- अदालतें युवाओं की मन की भावनाओं के ही आधार पर इन मुद्दों पर फैसला बिलकुल नहीं कर सकतीं है

