यह तो आप सभी जानते ही है की 23 नवंबर 2023 से देवउठनी ग्यारस से ही शहनाइयों की गूंज चारो और शुरू हो जाएगी। इस बार देवउठनी ग्यारस को 6 मार्च तक शादियों के 20 ही मुहूर्त बताए जा रहे हैं। फिर आगे गुरु और शुक्र तारे के अस्त होने से विवाह मुहूर्तों पर प्रतिबंध लग सकता है। इससे आखातीज पर भी मुहूर्त नहीं है। इस कारण से इस वर्ष विवाह की योजना बना रहे हैं तो तो अपनी प्लानिंग सही समय पर कर लें प्लानिंग..
आखातीज पर ये हैं अबूझ मुहूर्त-
कई ज्योतिष पंडितो के अनुसार 23 नवंबर 2023 को देवउठनी ग्यारस व अगले साल 14 फरवरी को बसंत पंचमी पर तो अबूझ मुहूर्त है। इन दो दिन मे तो कोई भी मांगलिक कार्य करने के लिए मुहूर्त देखने की तो जरूरत ही नहीं हैं।
इस वर्ष देवउठनी ग्यारस पर गोधुली बेला के लग्न रहेंगे, इस दिन तो कोई भी शादी विवाह या अन्य किसी भी प्रकार का कोई भी मांगलिक कार्य करने के लिए मुहूर्त देखने की बिलकुल आवश्यकता नहीं है । इसके बाद फिर 23, 27 28 नवंबर और 29 नवंबर 2023 को मुहूर्त बताया हैं। इसके बाद फिर दिसंबर में 7, 15, जनवरी 2024 में 16, 20, 30, 31, फरवरी 2024 में 4,6,12,18, 19 तारीख को ही विवाह के मुहूर्त हैं।
15 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2024 तक मलमास रहेगा
नवंबर 2023 से से फरवरी 2024 तक शादियों का क्रम चलने के बाद मार्च 2024 में 2, 4, 5 व 6 तारीखों में विवाह के मुहूर्त रहेंगे, इसके बाद से फिर 15 मार्च 2024 से मलमास लग जाएगा, जो की 15 अप्रैल 2024 तक चलेगा, इसके बाद अप्रेल 2024 मे 18, 23, 26 व 28 को ही मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद 28 अप्रैल 2024 से शुक्र तारा अस्त हो जाएगा, जो की 2 जुलाई तक रहेगा।
इस बीच 8 मई 2024 से 1 जून 2024 तक गुरु तारा अस्त हो जाएगा, जिससे 10 मई 2024 को आखातीज पर तो मांगलिक कार्यो मे प्रतिबंध रहेगा , 2 जुलाई 2024 को तारा अस्त व समाप्ति के बाद से ही जुलाई 2024 मे 9, 11 व 15 को ही मुहूर्त हैं, लेकिन ये दिन बारिश के होने से इसमें लोग शादियां कम करते हैं।
18 अप्रैल 2024 को गुरु शत्रु राशि में आ जाएगे
ज्योतिषों के अनुसार 18 अप्रेल 2024 को गुरु शत्रु राशि में प्रवेश करेंगे , जिसका तो असर 6 राशि के लोगों पर पड़ेगा, इसमें कुंभ, कन्या , तुला व मिथुन की राशि के जातकों के लिए वैवाहिक लग्न तो अच्छे नहीं रहेंगे, इसी तरह से वृषभ, मीन, धनु व मेष राशि के जातक पूजन को देकर शादी कर सकते हैं, बाकी राशि के जातकों के लिए तो मांगलिक कार्यो का समय श्रेष्ठ ही रहेगा।

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