Movie Review: आपने सैम मानेकशॉ की स्टोरीस खूब सुनी होगी लेकिन अगर आपने उनके बारे मे नहीं सुना है तो इस फिल्म के माध्यम से विक्की कौशल आपको इस किरदार की वैल्यू और उसे प्यार दोनों ही करने पर मजबूर कर देंगे।इस फिल्म ‘सैम बहादुर’ का रिव्यू यहां आप पढ़ सकते है …
Movie Review: Sam Bahadur एक बार फिर विक्की कौशल एक फौजी के किरदार में नजर आए हैं।इस फिल्म ‘सैम बहादुर’ की कहानी में विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ के किरदार को पर्दे पर फिर से जिंदा कर दिया है। सेना और युद्ध की कहानियां जिस प्रकार से पहले की फिल्मों में बताई जाती गई हैं, ये कहानी भी उससे ज्यादा बिलकुल अलग नहीं है। लेकिन इस फिल्म ‘सैम बहादुर’ की सबसे अच्छी बात तो ये है कि सैनिको की जिंदगी, उसके तौर तरीकों को इस फिल्म मे बेहतरीन अंदाज में बताया गया है।
फिल्म देखने के बाद आप एक्टिंग के मामले में इस फिल्म को आप एक बेहतरीन दे ही देंगे है, लेकिन कहानी के तौर पर तो इसमें बहुत नया बिलकुल नहीं है। इस फिल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा फ्लेट लगता है पर सेकंड हाफ काफी इंगेजिंग आपको लगेगा । इस फिल्म मे विक्की कौशल पर्दे पर सैम मानेकशा के किरदार में इतने सटीक लग रहे हैं कि आप उनसे नजरें बिलकुल हटा नहीं पाएंगे।
थीम:- यह मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी है फिल्म ‘सैम बहादुर’ 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म की कहानी भारतीय फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की लाइफ पर आधारित है। इस फिल्म में विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ के किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है। फिल्म देखने बाद ‘सैम बहादुर’ को दर्शको का शानदार रिस्पॉन्स भी मिला है। इस फिल्म में विककि कौशल की एक्टिंग की दर्शकों ने जमकर तारीफ की है। विक्की की चाल उनका अंदाज, व अपने जवानों के लिए उनके दिल में सम्मान आप इस फिल्म के हर सीन में महसूस करेंगे।
फिल्म की कहानी: फिल्म मे ‘सैम बहादुर’ भारतीय सेना के फील्ड मार्शल रहे है , सैम मानेकशॉ की यह बायोपिक फिल्म है, जिसमें विक्की कौशल ने उनके रोल को बखूबी निभाया है। फिल्म सैम मानेकशॉ की जवानी के दिनों से शुरू होती है। जिसमें की दूसरे विश्वयुद्ध से लेकर बांग्लादेश के बनने तक के हिस्सों के साथ साथ मानेकशॉ के फील्ड मार्शल बनने तक के सफर को भी दिखाया गया है। इस कहानी में भारत देश के प्रथम पीएम श्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी तक के कई अहम किरदारों को भी दिखाया गया है। वहीं एक सीन है जिसमे आयरन लेडी इंदिरा गांधी मानेकशॉ को युद्ध लड़ने के लिए बोलती हैं, लेकिन इस फिल्म मे सैम मानेकशॉ इंदिरा गांधी को युद्ध लड़ने के लिए साफ इंकार कर देते हैं। सैम मानेकशॉ की पर्सनैलिटी को इस फिल्म में बेहतरीन अंदाज में ही दिखाया गया है। इंटरवल से पहले तो सैम की कहानी के शुरुआती हिस्सों, दूसरे विश्वयुद्ध में उनकी द्वारा लड़ी गयी लड़ाई और कुछ हद तक तो उनकी पर्सनल लाइफ के हिस्सों को भी दिखाती है। वहीं इंटरवल के बाद इस फिल्म मे इंदिरा गांधी की एंट्री हो जाती है जहां इस फिल्म की कहानी में नए बदलाव आपको देखने के लिए हैं। इसके बाद तो उनकी जिंदगी के आगे के हिस्सों को ही दिखाया गया है। इस फिल्म की कहानी में सभी एक्टर्स को जवानी से लेकर उनके उम्र दराज होने तक को दिखाया गया है। फिल्म की कहानी में राइफल ड्रिल से लेकर युद्ध के माहौल तक के हर चीज सच्चाई के बहुत करीब करीब है। साथ ही फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड म्यूजिक दोनों ही कहानी के साथ परस्पर समंजस्य बैठाए हुए हैं।
फिल्म निर्माता: रोनी स्क्रूवाला
फिल्म निर्माण कंपनियां: आरएसवीपी मूवीज,
फिल्म निर्देशक: मेघना गुलजार
फिल्म के गीतकार: गुलज़ार और शंकर महादेवन
फिल्म संगीत: शंकर महादेवन, विशाल ददलानी, दिव्या कुमार, श्रेया घोषाल, सोनू निगम, सुनिधि चौहान
फिल्म कलाकार: विक्की कौशल, सान्या मल्होत्रा, फातिमा सना शेख, नीरज काबी, एडवर्ड सोनेनब्लिक, गोविंद नामदेव मोहम्मद जीशान अय्यूब
