तक़दीर का आर्किटेक्ट motivation
दोस्तो जिंदगी का एक नियम यह है कि इंसान की पैदाइश जिन चीजों के साथ होती हैं उनका महत्व कम होता है इंसान की जिंदगी की महत्वपूर्ण चीज तो वो होती है जिन्हें वह खुद बनाता है आपकी जिंदगी में जो कुछ भी हो रहा है वह सब आप पर निर्भर करता है अगर आप इसे नही बदलेंगे तो कोई और इसे क्यों बदलेगा
गलतिया भी करेंगे और गलत भी समझा जाएगा ये ज़िंदगी है साहब यह तरीफे भी होगी और कोसा भी जाएगा
आपकी ज़िंदगी के लिये आप स्वयं जिम्मेदार है आपकी सफलता और खुशी के सबसे बड़े शत्रु है आपके नेगेटिव विचार ,ये नेगेटिव विचार आपकी जिंदगी की सारी एनर्जी को चूस लेती है
मैदान मे हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता है लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नही जीत सकता
बहाने बनाने की आदत छोड़ दो क्योंकि बहाने बनाने की ये जो आदत है वह आपकी नेगेटिविटी को जिंदा बनाये रखती है
एक बात यह भी है कि आपकी जो समस्या है उसके लिए आप दूसरे को जिम्मेदार नही मान सकते अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोष देना छोड़ दो जब आप दोष देने वाली आदत वाले पेड़ का तना काट देते है तो पेड़ पर लगे सारे नेगेटिविटी वाले फल एक दम से टूटकर गिर जायेगे ठीक वैसे ही जैसे लाइट का प्लग बाहर निकालने पर क्रिसमस ट्री की पूरी रोशनी गुल हो जाती है
जरा कल्पना करे कि आप अपनी नेगेटिविटी से पूरी तरह फ्री हो सकते है और अपनी जिंदगी की बागडोर अपने हाथ मे ले सकते है और इसके लिए आपको जिम्मेदारी लेना होगा और कहना होगा कि मैं जिम्मेदार हु तभी और सिर्फ तभी आप जिंदगी की हर मंजिल को आप हासिल कर सकते है
Suuces कि एक खास बात यह है की वह मेहनत करने वालो पर फिदा हो जाती है आपको सूरज की तरह जलना होगा और रोज उगाना होगा
जब आप खुद के लिए कोशिश करते है तो आप अपनी किस्मत के मालिक खुद बन जाते है क्योकि इस सफलता के कप्तान आप खुद रहते है
खुद को बार बार याद दिलाये की आप इस समय जहा भी है और जिस हाल मे भी है उसके लिए आप स्वयं जवाबदार है आप अपनी तक़दीर के आर्किटेक्ट खुद है
कभी मत हारना हिम्मत बहुत आगे जाना है जिसने कहा था तू नही कर सकता है उन्हे कर के दिखना है

