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पदोन्नति में आरक्षण मामला सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए बड़ी अपडेट मंगलवार 06 सितंबर को सुनवाई Employee news

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MP के सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण पर ताजा खबर है। मंगलवार 6 सितंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति में आरक्षण के मामले की सुनवाई होना है और संभावना है कि पहले माधप्रदेश के मामले की सुनवाई हो और फैसला आ सकता है चुंकी मध्यप्रदेश राज्य के कर्मचारियों व अधिकारियों के पदोन्नति में आरक्षण पर छ साल से रोक लगी हुए है। उम्मीद है की सितंबर में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का 6 साल का लंबा इंतजार खत्म हो जाये है।

आपको बता दे की यह सुनवाई 1 सितंबर 2022 को होनी थी लेकिन किन्ही कारणों से तारीख 6 सितंबर को रखी गयी है इधर सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण संस्था ने सुप्रीम कोर्ट मे इस मामले में जल्द सुनवाई का आवेदन लगाया है अब ऐसा में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के मामले मे पहले सुनवाई हो सकती है आपको बता दे कि इस मामले में पिछली बार 17 अगस्त 2022 को सुनवाई थी लेकिन अस्वस्थ होने के कारण अटार्नी जनरल श्री केके वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंच पाए अब इसके बाद कोर्ट ने 1 सितंबर 2022 की तारीख निर्धारित की थी लेकिन किन्हीं कारणों से सुनवाई नहीं हो पाईपरंतु अब मंगलवार यानि 06 सितंबर 2022 को होगी।
MPराज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों के पदोन्नति में आरक्षण मामले के कारण 6 साल से रोक लगी है भारतीय सेवा और राज्य सेवा के कुछ अधिकारियों सहित न्यायालय से फैसला लाने वालों को छोड़कर किसी को भी कर्मचारी अधिकारी को प्रमोशन नहीं दिया है सभी कर्मचारी इस मामले का हल जल्द चाहते हैं क्योंकि सभी को सेवानिवृत्ति से पहले पदोन्नति नहीं मिल पा रही है, आरक्षित व अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी राज्य सरकार से कोर्ट के निर्णय के अधीन पदोन्नति शुरू करने का निवेदन भी कई बार कर चुके हैं
आपको बता दे कि मध्यप्रदेश में पिछले 6 वर्षो से यानि की 2016 से कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण का मामला लंबित है जबकि इस अवधि में 70000 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं और करीब 36000 हजार को पदोन्नति नहीं मिली पा रही है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 से ही मप्र लोक सेवा पदोन्न्ति नियम 2002 को खारिज कर दिया था जिसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मई 2016 में यथास्थिति को बनाए रखने के निर्देश दिए थे तब से पदोन्नति पर रोक लगी हुए है

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