हमारी समस्या ये है ........................की कोई समस्या नही है फिर भी चिंता हमें खाए जा रही है
दोस्तो यहा हम चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिये कुछ कारगर उपाय बताने जा रहे है ये उपाय अब तक के ज्ञात उपायो मे सर्वश्रेष्ठ है । चिंताजनक स्थितियो से निपटने के तीन उपाय हम यहा बताने जा रहे है -
पहला उपाय:-
अपनी मानसिक अवस्था का बिना डरें बवलोकन करें और निर्णय ले की आपकी इस अवस्था से आपका क्या नुकसान हो सकता है ।
दुसरा उपाय:-
क्या नुकसाान हो सकता है इसे स्वीकार करें , स्वीकार करने से आप अपने अंदर हल्कापन महसुस करेंगे और इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी , शांति का वह अनुभव होगा जो पहले कई दिनो से नही हुआ होगा ।
तीसरा उपाय:-
अब हमे शांत मन से स्वीकार किये गये नुकसाान को सुधारने का प्रयास करना चाहिये ।
यदि हम चिंता कर रहे है तो हम कुछ भी नही कर सकेगें । क्योकि चिंता तो चिता है वह हमारी एकाग्रता को कम कर देती है । जब हम चिंताग्रस्त होते है तो हमारे विचार भटकते रहते है और हम किसी भी निर्णय पर पहुच ही नही पाते है इससे होता यह है कि हम अपने नुकसान को भी स्वीकार कर बैठते है उटपटंाग कल्पनाएॅ हमारे मन में घर बना लेती है और जब आप चिंताग्रस्त ,विवेकहीन होकर समस्याओ के घने बादलो से घबरा जाते है ता हमारें द्वारा बताये गये तीन उपाय तीव्र झटके के साथ हमे चिंताग्रस्त स्थिति से बाहार निकाल देते है यहा हमें व्यवहारिक मनोविज्ञान का पालन करना चाहिये ‘‘ अपनी स्थिति को जैसी है वैसी ही स्वीकार कर लो’’ स्वीकार करो स्वीकार करो ,स्वीकार करने से दुर्भाग्य पर विजय पाने का पहला कदम है अपने नुकसान या दुर्भाग्य को स्वीकार कर लेने से मन को सच्ची शांति प्राप्त होगी ,एक बार अपने अनिष्ठ को स्वीकार कर लने के पश्चात खोने के लिये आपके पास कुछ नही रह जाता स्पस्ट है कि इससे हमें लाभ ही प्राप्त होगा
इसलिये हम कह सकते है बताये गये तीनो उपाय चिंताजनक समस्याओ को हल करने के अचुक उपाय है इससे आपकी समस्याओ का समाधान किया जाना संभव है अतंएव इन तीनो उपायो का प्रयोग कीजिए ।
अपने आप से पुछिये की क्या नुकसाान हो सकता है उसे स्वीकार करें और धेर्य से अपने नुकसानो को सुधारने का प्रयास करते हुए आगे बढ़े और आप अनुभव करेंगे की आपको लाभ प्राप्त हो रहा है ।
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लेख पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद

