जिंदगी मे सफल होना चाहते हो तो याद रखना? Motivation for Student,motivational speech,Motivation
Insightअक्टूबर 16, 2022
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एक बार एक शहर में बहुत ही मशहुर पेंटर हुआ करता था उसकी बनाई हुई पेंटिग लोग देखते रह जाते थे जैसे ही वह पेंटिग बनाता था हाथो हाथ बीक जाती थी उसकी पेंटिग एकदम रियलिटी जैसी दिखती थी फिर भी वह पेंटर हमेंशा इस कोशिश में रहता था की कैसे वह उसकी पेटिग मे और अच्छा निखार लाये इसलिये वह अलग अलग प्रयोग करता रहता था
कभी खुद का वह अंधेरे कमरें मे बंद कर लेता , कभी वह कड़कती धुप में खडा हो जाता ,कभी गुफाओें जाकर पेटिग करता था और कभी पहाडो के उपर अपना पेंटिग का सामान लेकर पेंटिग करता था । और इन सब का परिणाम ये होता था कि उसकी पेंटिग्स मे दम होता था एक बात होती थी । फिर एक बार उस पेंटर ने एक ऐसी पेंटिग बनाई जीसे बनाने के बाद उसे ऐसा लगा की यह पेंटिग मेरी आज तक की बेस्ट पेंटिग है मास्टर पीस है ऐसा कभी उसे अपनी किसी पेंटिग में दम नजर आया हो लेकिन आज उसे न जाने क्यो ऐसा लग रहा था की यह उसकी आज दिन तक की बेस्ट पेंटिग है इस बात को साबित करने के लिये उसने शहर के सबसे व्यस्त चैराहे पर अपनी पेंटिग को रख दिया और नीचे एक लाईन लिख दि कि ........आपको इस पेंटिग में काsई कमी नजर आ रही है तो उस पर निशान लगा दे क्योकि वह पेंटिग इतनी शानदार थी की उसको विश्वास था कि लोग तारिफ ही करेगे । शाम को वह अपनी पेंटिग को देखने पहुचा तो तो दृश्य उसने देखा वह देख कर वह हैरान और परेशान हो गया पुरी पेंटिग मे हर जगह निशान ही निशान लगे थे लोगो ने इतने निशान लगाये की वह पेंटिग ब्लेक नजर आने लगी वह इतना परेशान हुआ की जो पेटिग उसे उसका मास्टर पीस लगा था उसे लगा था कि लो उसकी पेंटिग की तारिफ करेगे लेकिन लोगो ने इतीनी कमिया निकाली जितनी की आज तक उसकी किसी पेंटिग की ना निकाली हो ..........वह पेंटर उदास होकर अपने दोस्त के पास जाता है और पेंटिग की बात अपने दोस्त से शेयर करता है तो उसके दोस्त ने उसे एक बात बताई कि तुम दुबारा एक ऐसी ही पेटिग बनाओ और उसी चैराहे पर लगाऔ लेकिन इस बार नोट पर लिखना अगर आपको कोई भी कमी नजर आये तो प्लीज उसको सुधार देवें .........पेंटर ने कहा चलो ये भी कर के देख लेते है उसने वैसी ही पेंटिग बनाई और उस चैराहे पर लगा दी और इस बार लिख् दिया की अगर आपको कोई भी कमी नजर आये तो प्लीज सुधार देंवें । जब वह शाम को अपनी पेंटिग को देखने गया तो उस पर एक भी निशान नही था ।
जो बात उस पेंटर ने समझी वह हमें भी हमेशा याद रखना चाहिये कि जब उसने पेटिग के नीचे लिखा था की कमिया निकाल दो तो लोगो ने निशानियो से भर दिया पेंटीग को,पेटिग काली कर दी लेकिन जब कहा की पेटिग सुधार दो तब उसमे एक भी निशान नही था मतलब क्या? कि कमीया निकालना तो बहुत ही आसान है लेकिन कमीयो को सुधारना बहुत ही मुश्किल है लोग कमीया तो झट से निकालते है जैसे की घर में खाना खते हुए खना बैकार है किसी की अकल मे कमी तो किसी किसी की शकल मे कमी टी.वी के सामने बैठ जायेगे और कहेगे कि इसको क्रिकेट खेलना नही आता है अरे इसको फिल्म बनाना नही आता है इनही लोगो को जाकर सवाल करके देख लेना वे कहेगे अच्छा आप बताईये कि धोनी या कोहली को कैसे शाट मारना चाहिये आप बताईये खाना कैसे सही बनना चािहये फिल्म कैसे सही बनना चाहीये .........सही जवाब तो छोडो ज्यादातर लोगो के पास जवाब ही नही होगा हमारे साथ भी यही होता है लोग कमीया निकालते जाते है और हम अपना आत्मविश्वास खोते जाते है खुद पर शक करने लगते है और हमेशा याद रखिये शक सपनो को मार देता है और अपने लक्ष्य से भटका देता है और आपको असफल बना देता है हम एक बार मे परफेक्ट नही हो सकते कमीया तो रहेगी ही हमें उन कमीयो को पहचान कर सुधारना है लेकिन हमारे बारे मे हम से ज्यादा कोई नही जानता है लोगो की सलाह ले सकते है जो सलाह काम की है उसे काम मे ले सकते है लेकिन जो लोग केवल गलतिया निकालते है उनकी वजह से अपने कान्फीडेंस लेबल को नीचे न गिरने दे । क्योकि आप को नही पता आपके अंदर क्या है जिस दिन आपको पता चल जायेगा तो आपकी दुनिया ही बदल जायेगी .......