Vaastu Shastra for Wealth: मित्रो रुपया पैसा हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पाँच तत्व, अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु व अंतरिक्ष ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं का संयोजन हैं। यदि इनमें से कोई भी तत्व संतुलित नहीं होता है तो यह घर में बहुत सारी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा रहने पर परिवार में आर्थिक समृद्धि , सुख , वैभव व अच्छी सेहत मिलती हैऔर वहीं घर में नकारात्मक ऊर्जा रहने पर व्यक्ति को आर्थिक हानि , कार्यों में बाधा , बीमारियां और परिवार में मतभेद होते रहते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में किसी भी तरह का वास्तु संबंधी कोई भी दोष होता है तो व्यक्ति के जीवन में रुकावटें और धन की हानि होती है। यदि घर के मालिक वास्तु शास्त्र के कुछ सिद्धांत दिशा निर्देशों का पालन करके घर पर अपने जीवन के स्तर , वित्तीय स्थिरता , शांति व समृद्धि को कुशलता से बढ़ा सकते हैं। घर पर वित्तीय समृद्धि लाने के लिए , वास्तु शास्त्र में कुछ विशेष उपाय जानते हैं।
पहला - घर की उत्तर , पूर्व व उत्तर पूर्व दिशा में कुबेर यंत्र लगाएं
भारतीय पौराणिक कथाओं में और मनयताओ , भगवान कुबेर धन व समृद्धि के देवता हैं ये माँ लक्ष्मी और सोने का प्रतिनिधित्व करते हैं । उत्तर पूर्व दिशा भगवान कुबेर द्वारा शासित होता है , इसलिए सभी बाधाओं व रिक्त स्थान जो नकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं जैसे की शौचालय, जूते के रैक व किसी भी भारी फर्नीचर आइटम को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। अपने घर के उत्तर पूर्व कोने को अव्यवस्था से मुक्त रखें व इसे अच्छी ऊर्जा चमक के लिए खाली रहने दें । अपने पूरे घर के उत्तरी भाग की उत्तरी दीवार पर लगा दर्पण या कुबेर यंत्र नए आर्थिक अवसरों को सक्रिय करना शुरू करता है।
दूसरा - दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में लॉकर रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार , आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है अपने धन को घर के पृथ्वी के कोने दक्षिण-पश्चिम में बढ़ाना। अपने सभी आभूषण , धन व महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज दक्षिण -पश्चिम में , उत्तर या उत्तर -पूर्व की ओर रखना चाहिए इस दिशा में रखी गई कोई भी वस्तु कई गुना बढ़ जाती है । ध्यान दें कि यदि तिजोरियां या धन से संबन्धित वस्तुए दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर हैं , तो इसके परिणामस्वरूप आपका भारी खर्च होगा, मुख्य तिजोरी या लॉकर को इस प्रकार रखकर कि उसका दरवाजा उत्तर या उत्तर -पूर्व दिशा की तरफ खुल जाए , आर्थिक समस्याओं व भारी खर्चों से बचा जा सकता है।
तीसरा - अपने घर को अव्यवस्था मुक्त रखें
अपने घर को साफ , स्वच्छ व अव्यवस्था और अनावश्यक घरेलू सामान और सजावट से मुक्त रखें । घर के माध्यम से प्रवहित होने वाली ऊर्जा आपके रिश्तों , स्वास्थ्य और धन को संभालने के लिए जिम्मेदार होती है, इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपके लिविंग रूम में मध्य का स्थान साफ सुथरा और अनावश्यक वस्तुओं से खाली हो। इसके अलावा , अपनी खिड़कियों और दरवाजों को साफ रखें, और हर कमरे में अपने भंडार का स्थान को साफ -सुथरा रखें।
चौथा - उत्तर - पूर्व में पानी के फव्वारे और छोटे एक्वैरियम रखें
घर के उत्तर - पूर्व भाग में पानी से भरी हुई छोटी-छोटी वस्तुएं रखने से धन व सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह के माध्यम से अच्छी गति प्राप्त हो सकती है। एक्वेरियम और एक छोटा वॉटर फाउंटेन बहुत शुभ माना जाता है। बस केवल इस बात का ध्यान रखें कि पानी ठहरे नहीं व गंदा न हो जाए । इनको नियमित रूप से साफ करते रहना चाहिए , क्योंकि आपके घर में रुका हुआ पानी आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

