कुछ तो लोग कहेंगे
दोस्तो आपको याद होगा बॉलीवुड की फिल्म अमर प्रेम का गाना “कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना छोड़ो बेकार की बातों को…………तो दोस्तो शायद हमारे द्वारा, बताई जा रही इस स्टोरी से प्रेरित होकर बना हो-
यह घटना मई महीने की उस समय की है जब भयंकर गर्मी पड़ रही थी किसी गांव की एक सड़क पर एक पिता व पुत्र अपने घोड़े के साथ कही जा रहे थे बेटे की उम्र 16 वर्ष की थी व पिता की 40 वर्ष की थी ........ बेटा थक ना जाए, इसलिए पिता ने अपने पुत्र को घोड़े पर बैठा रखा था, पिता घोड़े की लगाम को पकड़कर आगे-आगे पैदल चल रहे थे दोनों पिता व पुत्र हंसते हसते हुए बातचीत करते हुए अपने घर की और जा रहे थे !
तभी रास्ते में एक बुजुर्ग व्यक्ति मिले और यह कहने लगे कैसा नालायक लड़का है इसका पिता पैदल चल रहा है और स्वयं घोड़े पर आराम से बैठा है और तब क्या था .......
पुत्र का स्वाभिमान जाग उठा उसे बहुत शर्म महसूस होने लगी वह फौरन घोड़े से उतरा और अपने पिता को घोड़े पर बैठा दिया और चलने लगे
अब पिता घोड़े पर बैठे थे और पुत्र पैदल चल रहा था वे दोनों लगभग एक किलोमीटर ही चले होंगे की रास्ते में मिलने वाले लोग यह ताने मारने लगे कि कैसा पिता है बच्चा पैदल चल रहा है और खुद घोड़े पर पर बैठकर घोड़े का आनंद ले रहा है
पिता का मोह जाग उठा और वह भी घोड़े से उतर गया दोनों घोड़े को लेकर पैदल चलने लगे थोड़ा आगे जाकर कुछ लोगों ने मजाक उड़ाया और बोलने लगे की कितने मूर्ख लोग है घोड़ा होते हुए भी पैदल चले जा रहे हैं अब पिता पुत्र दोनों ही उलझन में पड़ गए और फिर क्या हुआ की दोनों घोड़े पर बैठकर आगे बढ़ने लगे !
आगे फिर कुछ लोग मिले उन्होने कहा की दोनों पिता पुत्र कितने जालिम है .......... घोड़े की जान ही लेकर मानेगे अब वे लोगो की बाते सुनकर दोनों घोड़े से उतर गए और पेड़ के नीचे बैठ गए ।
अब दोनों सोचने लगे कि दुनिया हमे किसी भी हाल में जीने नहीं देगी पिता ने अपने पुत्र से कहा – देखो बेटा जब तुम अपनी मंजिल कि कि और बढ़ते हो तो दुनिया या समाज के लोग तुम्हारी टांग खिचेंगे लेकिन तुम मैदान में डटे रहना
फिल्म अमरप्रेम का गाना “कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना छोड़ो बेकार की बातों को……………”शायद इसी और indicate करता है तो मेरे प्यारे दोस्तो आपको या आपके काम को लेकर लोग कितना ही मज़ाक उड़ा रहे हो ,आपको अपने काम पर फोकस करके मैदान में डटे रहना चाहिए !
चाहे वह जीवन कि कौन सी भी फील्ड हो मैदान हो जब हम आगे बढ़ेगे तो लोग तरह तरह कि बाते करेगे आपकी टांग भी खिचेगे लेकिन आपको दूसरों कि Negative बातों पर ध्यान न देकर सफलता पाने के लिए आगे बढ़ते रहना होगा आवश्यकता इस बात कि है कि हमे कमजोर बनाने उस हर आवाज कि तरफ ध्यान न देकर अपने लक्ष्य कि तरफ बढ़ते रहना है !

