MADHYA PRADESH NEWS - मध्यप्रदेश मे गुना जिले के शिक्षा अधिकारी को RTI एक्ट का दोषी होने से , 75000 रुपए का जुर्माना, व अनुशाश्नात्मक कार्रवाई
मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग गुना के जिला शिक्षा अधिकारी श्री चंद्रशेखर सिसोदिया को राज्य सूचना आयोग, भोपाल के आयुक्त श्री राहुल सिंह द्वारा चार मामलों में RTI अधिनियम का दोषी घोषित पाया गया है। इनमें से तीन मामलों में तो पच्चीस पच्चीस हजार कुल 75000 का जुर्माना व चौथे मामले में अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाना है।
मध्यप्रदेश मे राज्य सूचना आयोग की होगी अब तक की बड़ी कार्यवाही
सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने गुना के जिला शिक्षा अधिकारी श्री चंद्रशेखर सिसोदिया के विरुद्ध के 3 मामलों में कुल रुपये 75000 का जुर्माना तथा एक अनय मामले में उनके विरुद्ध विभागीय जांच व कार्रवाई के आदेश दिए गए है। शिक्षा विभाग में किसी भी एक अधिकारी के विरुद्ध इतने बड़े जुर्माने व अनुश्श्नात्मक कार्यवाही की यह अब तक की राज्य सूचना आयोग की एक सबसे बड़ी कार्रवाई हैं।
इस जानकारी के कारण हुआ यह विवाद
राइट टु इन्फोर्मेसोन के आवेदक श्री गोपाल मिश्रा ने अपनी धर्त्म पत्नी श्रीमति सीमा शर्मा, जन शिक्षा केंद्र प्रभारी गुना के विरुद्ध मे की गई विभागीय जांच व कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज मांगने लिए RTI अधिनियम के अनुसार चार मांग पत्र के आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। साथ ही श्री गोपाल ने सीमा शर्मा की और से सहमति पत्र भी दिया गया था की था कि उनसे संबंधित जानकारी RTI में श्री गोपाल को देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। जानकारी के अनुसार शालाओं की मॉनिटरिंग में हुई लापरवाही मे श्रीमति सीमा शर्मा सहित कुल चोबिस अधिकारियों कर्मचारियो के विरुद्ध सन 2019 में ही विभागीय कार्रवाई के लिए कर्मचारियो को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था , श्रीमति सीमा शर्मा का यह कहना था कि बाकी अनय 23 क्श्र्म्चरियों के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं की गई सिर्फ उनके ही विरुद्ध अनुश्श्नात्मक कार्रवाई की गई है । इसलिए उन्होंने अपने सहित और अन्य 23 कर्मचारियो को जारी हुआ कारण बताओं सूचनापत्र की कार्रवाई की जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम में मांगी साथ ही साथ उन्हे जो शालाएं आवंटित की गई थी, उसकी भी सूची भी मांगी गयी , क्युकि इन्हीं आवंटित शालाओं में लापरवाही के लिए इन अधिकारियों व कर्मचारियो के के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई ।
सूचना के अधिकार अधिनियम मे भी जिला शिक्षा अधिकारी ने जानकारी देने से इंकार किया
इन सभी सूचना का अधिकार अधिनियम के आवेदन पर जिला शिक्षा केंद्र के प्रभारी रहे श्री चंद्रशेखर सिसोदिया ने श्रीमति सीमा शर्मा को सिर्फ उनके विरुद्ध ही जारी कारण बताओं सूचनापत्र की कॉपी दी है लेकिन स्यम विरुद्ध कार्यालय में की गई कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं दी थी , वही शालाओं के आवंटन की भी सूची से लेकर बाकी समस्त जानकारी उन्होंने नही दी थी श्री सिसोदिया ने तृतीय पक्ष की जानकारी को आधार बनाया और बतया की यह तीसरे पक्ष की व्यक्तिगत जानकारी है इस कारण जानकारी को नहीं दिया सकता है।
RTI ACT सीईओ के आदेश के बाद भी नहीं दी डीईओ ने जानकारी
श्री चंद्रशेखर सिसोदिया से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी नहीं मिलने पर श्री गोपाल मिश्रा ने प्रथम अपील प्रथना जिला पंचायत सीईओ श्री विशाल सिंह के समक्ष दर्ज की , श्री विशाल सिंह ने इन मामलों के बारे में सुनवाई करते हुए श्री चंद्रशेखर सिसोदिया को 7 दिन के समय अंदर ही जानकारी को श्री गोपाल मिश्रा को देने के निर्देश दिये गए किन्तु इसके बाद भी श्री चंद्रशेखर सिसोदिया ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई ,इस प्रथम अपील में निराश होने पर पर गोपाल मिश्रा ने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील लगाई ।
सीईओ ने अधिकारी के ऊपर की गयी गलत कार्रवाई का खुलासा हुआ
राजय सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने इस प्रकरण को गंभीरता पूर्वक सुनवाई करते हुए तत्काल ही जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए साथ ही साथ श्री चंद्रशेखर सिसोदिया के विरुद्ध सभी प्रकरणों में 25000 हजार रुपये जुर्माना व विभागीय कार्रवाई के लिए भी कारण बताओं सूचनापत्र जारी किया गया है राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह के समक्ष चली इस सुनवाई में श्री चंद्रशेखर सिसोदिया व उनके वरिष्ठ अधिकारी श्री विशाल सिंह भी इस सुनवाई मे उपस्थित हुए, राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने इस बात पर बहुत कड़ी आपत्ति दर्ज कराई कि श्री चंद्रशेखर सिसोदिया ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी जिला पंचायत ceo श्री विशाल सिंह के लगातार जानकारी देने के आदेशों की भी अवहेलना की गयी है ।
आयुक्त श्री राहुल सिंह ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम में एक बार जानकारी नहीं देना भूल वश एक गलत निर्णय हो भी सकता है परंतु वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के बाद भी जानकारी नहीं देना यह साबित करता है की RTI की जानकारी को आवेदक को सही जानकारी से जानबूझकर वंचित रखने के इरादे से जानकारी नहीं दी गई है,इस सुनवाई के दौरान दौरान ही श्री विशाल सिंह ने भी यह माना कि जिला शिक्षा अधिकारी ने उनके आदेश जारी करने के बाद भी यह जानकारी नहीं दे कर के गलत कार्य करके अनुश्स्नात्मक कार्यवाही का भागी बनाया है , उन्हें पहले ही सूचना के अधिकार के आवेदन में जानकारी दे देनी चाहिए था
कौन सी जानकारी तीसरे पक्ष का आधार पर रोक सकते हैं
सूचना आयुकर श्री राहुल सिंह ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए यह कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के आवेदन में जो भी जानकारी मांगी गई थी वह सीधे तौर पर आवेदक से जुड़ी हुई थी जिस कारण से इसमें तीसरे पक्ष का टु आधार नहीं बनता है। श्री राहुल सिंह ने यह कहा कि तीसरे पक्ष के आधार बनाने के लिए सूचना के अधिकार अधिनियम में जो कानूनी व्यवस्था है उसका भी पालन श्री सिसोदिया ने नहीं किया है श्री राहुल सिंह ने स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदक से यह जानकारी मानवाधिकार व नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के तहत ही पीड़ित श्रीमति सीमा शर्मा को स्वतः ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी लेकिन इसके लिए सूचना का अधिकार अधिनियम मे याचिका दायर करने की भी जरूरत ही नहीं थी, सूचना का अधिकार अधिनियम की इस धारा 4 के अनुसार पीड़ित प्रभावित पक्ष को संबंधित जानकारी स्वतः ही जानकारी उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान बनाया गया है ।
डीईओ GUNA श्री चंद्रशेखर सिसोदिया के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई -
श्री चंद्रशेखर सिसोदिया के विरुद्ध इन चारों प्रकरणो में कुल जुर्माने की राशि ज्यादा होने पर राज्य सूचना श्री आयुक्त राहुल सिंह ने सिसोदिया को जुर्माने की इस राशि को कम करने के लिए एक अनुरोध पत्र पेश करने का भी अवसर दिया, इसके बाद भी श्री चंद्रशेखर सिसोदिया द्वारा आयोग के समक्ष कोई भी अनुरोध पत्र नहीं दिया गया है , इसके बाद सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने तीन प्रकरणों में 25,25 हजार कुल राशि 75000 हजार रुपये का जुर्माना श्री सिसोदिया के पर लगाया गया है वही चौथे प्रकरण में भी लगातार सूचना के अधिकार अधिनिय मे आवेदनों में जानकारी उपलब्ध नहीं करये जाने के लिए सिसोदिया के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक को अनुशंसा भी की गई है।

