दीपावली से एक दिन पहले ही नरक चतुर्दशी मनाई जाती है ,नरक चतुर्दशी के दिन संध्या और सुबह के बाद दीपक जलाए जाते हैं, इस दिन नरक चतुर्दशी का पूजन करके आप अकाल मृत्यु व मुक्ति, स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यमराज वरदान प्रदान करते है
यह तो हम सभी जानते है की पांच दिवसीय दीपोत्सव का त्योहार शुरू हो चुका है। धनतेरस से शुरू होने वाला यह दीपोत्सव का त्योहार 15 नवंबर को भाई दूज पर ही समाप्त होगा, 11 नवंबर को नरक चतुर्दशी पर यमराज यानि की मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है जिसके अगले दिन ही दीपावली मनाई जाती है ।
11 नवंबर को नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली है। शास्त्रो मे व मनयताओ के अनुसार नरक चतुर्दशी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को कहा जाता है। हिंदू रीति रिवाज एवं मान्यताओं के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि के दिन मृत्यु के देवता अर्थात यमराज की पूजा करने का विधान बना हुआ है।
दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाने वाला नरक चतुर्दशी का यह दिन संध्या के बाद अपने घर के बाहर व भीतर दीपक जलाए जाते हैं। इस चतुर्दशी का पूजन पाठ करके अकाल मृत्यु से मुक्ति व स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यमराज की पूजा तथा उपासना की जाती है। नरक चतुर्दशी के अगले दिन दीपावली 12 नवंबर को मनाई जाएगी।

