मान लो तो हार है ठान लो तो जीत है
मान लो तो हार है ठान लो तो जीत है दोस्तों एक पक्षी बिना डरे पेड़ की टहनी पर बैठता है पर उसका विश्वास पेड़ की टहनी पर नहीं बल्कि अपने पंखों पर होता है क्योंकि पक्षी को यह विश्वास होता है कि जब पेड़ की टहनी टूटेगी तो वह आसमान में लंबी छलांग लगा देगा इसलिए आप भी अपने आप पर विश्वास करे इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसे कठिनाइयों ने ना घेरा हो लेकिन हर कठिनाइयों से हमें कुछ ना कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है जिस जिस व्यक्ति ने अपनी कठिनाइयों का डटकर मुकाबला किया उसी ने सक्सेस को प्राप्त किया है स्वामी विवेकानंद ने कहा है की अगर कोई आपकी मदद कर सकता है तो वह आप स्वयं हो आपने बहुत से लोगों को देखा होगा जो अपने आप को कोसते रहते है रहते कि मेरे ही साथ यह समस्या क्यों है हर इंसान को अपनी समस्या सबसे बड़ी लगती है ऐसा इसलिए होता है कि हमें दूसरों की परेशानियों का पता ही नहीं होता समस्या कितनी बड़ी क्यों ना हो उसके समाधान के विषय में सोचना चाहिए एक बात हमेशा याद रखना समस्या को आसान मान लो तो वह आसान लगने लगती है और मुश्किल मान लो तो वह मुश्किल लगाने लगती है इसलिए मान लो तो हार है ठान लो तो जीत है हमारी जिंदगी भी एक फुटबॉल की तरह होती है फुटबॉल की कठिनाइयों की तरह यहां गोल खुद ही करना होता फुटबॉल डरिए नहीं आगे बढ़कर अपने गोल को हासिल करना ही जिंदगी है आसान काम तो हर कोई कर लेता है मजा तो तब है जब आप किसी बहुत ही कठिन काम सफलतापूर्वक पूरा कर ले जब जब आपके सामने कठिनाइया आए यही सोचे कि आसान काम तो हर कोई कर लेता है मुझे तो कठिनाइयों पर विजय पाना हैं हमेशा याद रखो कि हर कठिनाइयों पीछे बहुत सारे अवसर छुपे होते हैं इसलिए इन अवसरो को पहचानो और अपने गोल को हासिल करो

