ज़िम्मेदारी motivation
दोस्तो आपने कभी कुंभहर को मटका बनाते हुए तो देखा ही होगा कुम्हार बिना आकार की मिट्टी को जैसा चाहे वैसा ही आकार दे देता है वो चाहे तो मिट्टी को एक आग मे जलने वाला चूल्हा बना सकता है या फिर उसे वो एक ठंडे पानी वाली सुराही भी बना सकता है उसी प्रकार कोई भी काम करने या न करने का फैसला आपके पूरे जीवन को सही आकार देता है अगर किसी चीज को लेकर आप खुश नही है तो यह आप पर निर्भर करता है की आप ने उन परिस्थितियो को बदलने के लिए कौन से जरूरी कदम उठाए है ताकि वह आपके मन माफिक बन जाए
आपको अपनी जिंदगी का स्टीयरिंग व्हील खुद संभालना होगा आप पूरी तरह से अपनी जिंदगी के मालिक खुद है आप जो चाहे वो कर सकते है
अपनी अतीत की घटनाओं के बारे में अफसोस और शिकायत करना छोड़ दे क्योकि उन्हें बदला नही जा सकता इसकी बजाय अपना रुख भविष्य की तरफ करें और इस बारे में सोचे कि आप क्या करना चाहते है और कहा जाना चाहते है सबसे ज्यादा अपने लक्ष्यों के बारे में सोचे बार बार सोचे और कल्पना करे कि आप वहा पहुचने ही वाले है यह सोचने से ही आप सकारात्मक उर्जा अनुभव करेगे और सकारात्मक ऊर्जा से भर जायेगे ओर आप सही दिशा में आगे बढ़ने लगेंगे
पचास साल से भी ज्यादा समय के शोध के बाद मनोवैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुचे है कि अपने आप पर कंट्रोल का बटन ही ज़िंदगी मे आपका सुख या दुख और सफलता तय करता है
जीवन मे आप जितनी ज्यादा ज़िम्मेदारी लेते है उतने ही ज्यादा आप खुश होगे आपकी जीत आपके हाथो मे है जितना है तो अभी लक्ष्य निर्धारित करो
आपके पास वह सब बनने पाने या करने कि आपार संभावना है जो आप बनाना चाहते है आप मे अंलिमिटेड क्षमता है और अगर आप सफलता के अगले कदम पर पहुचने के लिए तैयार है तो आपका आदर्श भविष्य आपकी राह देख रहा है

