क्र / सतर्कता / एस. / जबलपुर / 2022/9614 दिनांक-24/सितम्बर/2022
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के द्वारा अपनी मांगो को लेकर दिनांक 12. सितबर .2022 को अपनी पदस्थ स्थल संस्था में अपना आवेदन देने के उपरांत हडताल में जाने का लेख किया गया है। जबकि शासन के द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी है कि कोई भी शासकीय लोक सेवक ऐसे प्रदर्शन नही करेगा एवं उसमें भाग नही लेगा तथा अन्य किसी भी शासकीय सेवकों को भी हडताल पर जाने के लिये प्रेरित नही करेगा जो कि आपके द्वारा शासकीय सेवक होते हुये किया गया है। जिसके कारण इस कार्यालय के पत्र क्र/सतर्कता/2022/9064 जबलपुर दि. 12 - 09-2022 के अनुसार श्री भरत कुमार पटेल प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला चारघाट संकुल शासकीय उचहतर मध्यमिक विध्यालया झपनी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाकर उत्तर चाहा गया परंतु श्री पटेल द्वारा आज दिनांक तक कारण बताओ पत्र का जवाब इस कार्यालय प्राप्त नही हुआ है जिसका कारण स्पष्ट है कि आपके द्वारा भोपाल में हड़ताल कि जा रही है।
अत श्री भरत पटेल, प्रा शिक्षक शा प्राथमिक शाला चारघाट संकुल शा उ मा वि सगडा झपनी विकासखण्ड जबलपुर जिला जबलपुर को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है
निलंबन की इस अवधि में श्री भरत पटेल प्रा शिक्षक का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जबलपुर जिला जबलपुर निर्धारित किया जाता है निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी ।
हड़ताल को समर्थन नहीं दिया शिक्षकों ने
हड़ताल पर जाने से पहले आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के नेताओं ने यह दावा किया था कि सतर हजार से अधिक शिक्षकों ने हड़ताल पर जाने के लिए अवकाश का आवेदन दिया है लेकिन भोपाल में एक हजार से ज्यादा शिक्षक दिखाई नहीं दिए है और उन्होंने भी बैरिकेड लगाकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था अब राजधानी में घुसकर प्रदर्शन करने की कोशिश किसी ने भी नहीं है ।
हड़ताल व घेराव का कार्यक्रम असफल हो जाने के बाद आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के नेताओं ने इसे सफल बताया है व राजधानी सहित पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है । मंडला को छोड़कर मध्यप्रदेश के किसी जिले में प्रभावी संख्या दिखाई नहीं दी है इसका मतलब मंडला के अलावा आजाद अध्यापक शिक्षक संघ को किसी भी दूसरे जिले में शिक्षकों का पूर्ण समर्थन नहीं मिला।
इसलिए भरत पटेल और उनकी साथी के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है व इससे पहले भी एक शिक्षक नेता के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।

