1 अक्टूबर को हिमालय क्षेत्र में पहुंच रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक बार फिर मध्यप्रदेश के मौसम में बदलाव आ जाएगा है। 31 अक्टूबर 2022 को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-भारत की तरफ बढ़ने से पहाड़ों पर बर्फबारी की शुरुआत होगी व हवा का रुख पूरी तरह से उत्तरी हो जाएगा, तापमान में उतार चढ़ाव के बीच नवंबर के पहले सप्ताह में तेज ठंड पड़ने की संभावना बन रही है। नवंबर में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हों जाएगे जिसके कारण कड़ाके की ठंड पड़ने और तापमान में गिरावट तेजी से होगा ।
एम पी वेदर रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में मौसम को प्रभावित करने वाली कोई विशेष मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है और उत्तर भारत के आसपास अभी कोई पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद नहीं है, जिसके कारण मौसम शुष्क बना हुआ है।परंतु गुजरात पर बने प्रति चक्रवात के असर से हवाओं का रुख बार बार बदल रहा है। साेमवार रात काे एक पश्चिमी विक्षाेभ के उत्तर भारत की तरफ बढ़ने के कारण से उत्तर भारत के पहाड़ाें पर बर्फबारी हाे सकती है और पूरे मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट हाेने की संभावना है।
एम पी वेदर रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दिनों में दो विक्षोभ सक्रिय हों सकते है पहला पश्चिमी विक्षोभ 31 अक्टूबर 2022 और दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 3 नवंबर 2022 को सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 5 नवंबर 2022 तक कश्मीर से हिमाचल व उत्तराखंड तक भारी बर्फबारी हो सकती है। इससे 6 से 7 नवंबर 2022 से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा सकती है ।आगामी 4 महीनों में पहाड़ी राज्यों से मध्य भारत तक के राज्यों में कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार है।
एम पी वेदर रिपोर्टके मुताबिक, 31 अक्टूबर 2022 को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत की तरफ बढ़ने की संभावना बन रही है, इसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होगी तथा पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के साथ ही हवा का रुख उत्तरी होने से नवंबर माह की शुरूआत में प्रदेश में जमकर ठंड का असर देखने को मिल सकेगा । वर्तमान में बंगाल की खाड़ी अथवा अरब सागर में काेई मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं होने से व उत्तर भारत के आसपास काेई पश्चिमी विक्षाेभ भी नहीं होने की वजह से मध्यप्रदेश का मौसम शुष्क बना हुआ है।

