देश में हर माह की पहली तारीख को कई बड़े बदलाव होते हैं। जो की 1 नवंबर से बदलने जा रहे है। 1 नवंबर से 5 नियमो मे बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। ये बदलाव सीधे ही आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेंगे। आपको इन 5 नियमो की जानकारी होना बहुत जरूरी है।
इन 5 बड़े बदलावों में रसोई गैस के दाम से लेकर पेट्रोल व डीजल की कीमत से लेकर कई बदलाव भी शामिल हैं। इन सब वित्तीय बदलावों का असर व्यापारियों से लेकर आम आदमी के प्रति माह के बजट पर पड़ेगा ही आपको बता दें कि हर माह की शुरुआत में कंपनियां रसोई गैस के दामो को तय करती हैं। पेट्रोल डीजल की कीमतों में भी बहुत बड़ा बदलाव हो सकता है। तो आपको बताते हैं , 1 नवंबर से होने जा रहे जानकारी इन बदलावों के बारे में।
रसोई गैस की कीमत मे होगा बदलाव
प्रति माह की एक तारीख को कंपनियां एल पी जी , पी एन जी व सीएनजी की कीमतों को निर्धारित करती हैं।
कई बार तो कई कंपनियां इन कीमतों को स्थिर भी रखती हैं। इस बार तो नवंबर में त्योहारों का सीजन प्रारम्भ हो रहा है। ऐसी स्थिति में कीमतों के बढ़ जाने पर आम आदमी की जेब पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
जीएसटी के नियम मे होगा बदलाव
1 नवंबर से जीएसटी से जुड़े नियमों में भी बदलाव होने को जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के अनुसार , 1 नवंबर से सौ करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा के व्यापार करने वाली फर्मों को , 1 नवंबर से 30 दिनों के अंदर ही ई-चालान पोर्टल पर जीएसटी चालान अपलोड करना ही पड़ेगा।
बंद पॉलिसी को शुरू कराने का मौका
यदि आपकी भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसी बंद हो गयी हो जिसे आप चालू कराना चाहते हैं तो इसका आपके पास अंतिम मौका है। क्योकि 31 अक्टूबर के बाद से इसे चालू कराने पर आपको समस्याओं का बहुत अधिक सामना करना पड़ सकता है।
इंपोर्ट को लेकर डेडलाइन होगी खत्म
30 अक्तूबर तक सरकार ने HSN 8741 कैटेगरी के अंदर आने वाले समान जैसे की लैपटॉप, टैबलेट व कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के इंपोर्ट पर छूट दी गयी थी। हालांकि,अब 1 नवंबर से सरकार इसको लेकर नियमों में बदलाव कर सकती है इस विषय पर केंद्र सरकार , ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।
शेयर बाजार में लेन देन पर शुल्क बढ़ जाएगा
बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानि की बीएसई ने 20 अक्तूबर को यह एलान किया था कि1 नवंबर से इक्विटी के डेरिवेटिव सेगमेंट में लेन देन पर शुल्क बढ़ जाएगा, ऐसे में 1 नवंबर से शेयर बाजार में लेन देन पर निवेशकों को कुछ अधिक रुपए चुकाना पड़ सकता है।



.jpeg)

